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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया गया है, जो राज्य के लिए गर्व की बात मानी जा रही है. राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इस पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बंगाल की धरती से किसी का ऑक्सफोर्ड में व्याख्यान देने जाना सम्मान की बात है. उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि रवींद्रनाथ टैगोर की भूमि से ताल्लुक रखने वाली ममता बनर्जी को यह अवसर मिलना एक बड़ी उपलब्धि है. मुख्यमंत्री का यह व्याख्यान 27 मार्च को निर्धारित है, जिसमें वह विभिन्न विषयों पर अपनी बात रखेंगी.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का यह दौरा केवल व्याख्यान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह ब्रिटेन में निवेश को आकर्षित करने के लिए भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी. 25 मार्च को वह लंदन में उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगी और पश्चिम बंगाल में निवेश के लिए उन्हें आमंत्रित करेंगी. 24 मार्च को भारतीय उच्चायोग में होने वाले एक कार्यक्रम में भी वह शामिल होंगी. इसके अलावा, 26 मार्च को वह सरकार के साथ सरकार (जी2जी) कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगी, जहां विभिन्न सरकारी प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगी. उनके इस दौरे से पश्चिम बंगाल में विदेशी निवेश के बढ़ने की संभावनाएं भी देखी जा रही हैं.
यादवपुर विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति की नियुक्ति को लेकर भी चर्चा हो रही है. वर्तमान में विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति भास्कर गुप्ता इस पद पर हैं, लेकिन उनका कार्यकाल 31 अगस्त को समाप्त हो रहा है. इस विषय पर राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा कि उनके पास दो ही विकल्प हैं—या तो वे सेवानिवृत्त हो जाएं या फिर पूर्ण रूप से पदभार ग्रहण करें. राज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में जो भी बेहतर निर्णय होगा, वही लिया जाएगा. राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र में यह एक अहम मुद्दा बना हुआ है और जल्द ही इस पर कोई ठोस निर्णय लिए जाने की संभावना है.
इस बार आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच 6 अप्रैल को होने वाले मैच को गुवाहाटी स्थानांतरित किया गया है. इसके पीछे कोलकाता पुलिस का यह तर्क है कि रामनवमी के आयोजन के कारण वे मैच के लिए सुरक्षा मुहैया नहीं करवा सकते. इस पर जब राज्यपाल से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि यह मामला उनके ध्यान में नहीं आया है, लेकिन जब यह विषय उनके विचारार्थ आएगा, तब वह उचित कदम उठाएंगे. फिलहाल, इस फैसले से कोलकाता के क्रिकेट प्रेमियों में निराशा है, लेकिन सुरक्षा कारणों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है.
(इनपुट-एजेंसी के साथ)
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